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रविवार, 12 मार्च 2017

छुअन

वो सांसोमे समाया हुआ आपका नाम
और धडकनोमे बसी हुई तमाम यादें।
वो हाथ छुटते वक्तकी एक अजबसी घुटन
और तन्हा तन्हा बिताई हुई कितनी राते।
वो रातकि सियाहीमे डुबा हुआ सहमा चांद
और तकियेसे लिपटे हुए कुछ सुखे आसूं।
वो तेरा ना मिलकर भी साथ साथ रहना
और उम्रभर कि एक प्यासी कहानी।

छुअन सिर्फ जिस्मकी कहां होती है मेरे प्रिय?
                     - स्मिता पाटील